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गुरुवार, 14 अक्टूबर 2021
बुधवार, 13 अक्टूबर 2021
शाम देश राज्यों से बड़ी खबरें
अब तक राजस्थान
शाम देश राज्यों से बड़ी खबरें
*1* कोरोना से राहत जारी: बीते 24 घंटे में केवल 15 हजार मामले, 226 लोगों की मौत, 22 हजार से अधिक लोग हुए स्वस्थ
*2* पीएम बोले- पहले की सरकार 'कार्य प्रगति पर है' का बोर्ड लगा देते थे, और काम लटका ही रह जाता था
*3* पीएम मोदी बोले गुणवत्तापूर्ण बुनियादी ढांचे के बिना विकास संभव नहीं
*4* दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने "मेगा गतिशक्ति मास्टर प्लान" योजना का अनावरण किया
*5* राष्ट्रपति से मिला कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल, राहुल बोले- अगर पिता मंत्री तो निष्पक्ष जांच कैसे होगी
*6* लखीमपुर हिंसा: राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, मल्लिकार्जुन खड़गे, एके एंटनी, गुलाम नबी आज़ाद सहित भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के साथ मुलाक़ात की
*7* सुरक्षाबलों को मिली बड़ी कामयाबी, जम्मू-कश्मीर के त्राल में एनकाउंटर में जैश का टॉप कमांडर शाम सोफी
*8* देश में बिजली आपूर्ति की नहीं होगी समस्या, हो रही पर्याप्त कोयले की सप्लाई: प्रह्लाद जोशी.
*9* महात्मा गांधी ने वीर सावरकर से अंग्रेजों के सामने दया याचिका दायर करने को कहा: राजनाथ सिंह
*10* भारत में जल्द वैक्सीनेशन का आंकड़ा होगा 100 करोड़ पार, इस महीने 28 करोड़ डोज मिलेंगी
*11* भारत तो पावर सरप्लस देश है... कोयला संकट की खबरों पर बोलीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
*12* खाद्य तेल पर कस्टम ड्यूटी में कटौती की गई है। टीवी रिपोर्ट्स के अनुसार, एग्रीकल्चर सेस में भी कटौती की गई है। वित्त मंत्रालय की ओर से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, क्रूड सोयाबीन, पाम और सनफ्लॉवर तेल पर सेस को खत्म कर दिया गया है
*13* शाहरुख के बेटे की जमानत का NCB ने किया विरोध, कोर्ट से कहा- ड्रग्स के धंधे में शामिल है आर्यन
*14* शिवसेना ने पाक-चीन को बताया भारतीय अस्तित्व के लिए खतरा, केंद्र से की कड़ी कार्रवाई की मांग.
*15* राजनीतिक बदले के लिए CBI, NCB और आयकर विभाग जैसी संस्थाओं का दुरुपयोग कर रही है केंद्र सरकार : शरद पवार
*16* लखीमपुर कांड: आशीष मिश्रा की जमानत अर्जी सीजेएम कोर्ट ने की खारिज
*17* राजस्थान के शिक्षा मंत्री डोटासरा का अजीबो-गरीब बयान- महिलाएं स्कूलों में करती हैं झगड़ा, सुधार कर लें तो पुरुषों से निकल जाएंगी आगे
*18* उच्च स्तर पर बंद हुआ शेयर बाजार, सेंसेक्स- निफ्टी में जोरदार उछाल
*19* दिल्ली में फल-सब्जियों के दामों में भारी उछाल, व्यापारियों ने बताया- अभी और बढ़ेंगे रेट
बाड़मेर की बेटी ने मॉडलिंग की दुनिया में लहराया परचम। राष्ट्रीय स्तर की सौंदर्य प्रतियोगिता रही दूसरे स्थान पर।
अब तक राजस्थानबाड़मेर की बेटी ने मॉडलिंग की दुनिया में लहराया परचम।
बाड़मेर की बेटी ने मॉडलिंग की दुनिया में लहराया परचम।
राष्ट्रीय स्तर की सौंदर्य प्रतियोगिता रही दूसरे स्थान पर।
राजस्थान के छोटे से शहर बाड़मेर से पूजा ने मॉडलिंग की दुनिया में अपना लोहा मनवाया। लखनऊ में आयोजित ड्रीम हाउस प्रोडक्शन मिसेज सूपर मोडल इंटरनेशनल में दुसरे स्थान पर रही।
उन्होंने बताया ये मॉडलिंग की दुनिया में मेरा पहला कदम हैं। ग्रामीण परिवेश से होने के बावजूद अपना रास्ता इस अभिजात वर्ग की दुनिया में बना लिया।
पूजा कड़वासरा की कॉलेज तक की पढ़ाई बाड़मेर से हुई। स्कूल की पढ़ाई के बाद कम उम्र में ही शादी हो गई लेकिन पढ़ाई जारी रखी। एम॰एस॰सी॰ करने के बाद परिवार का दबाव नौकरी तलाशने था पर पूजा का सपना मोडलिंग की दुनिया में जाना ही रहा। पीएचडी करते हुए जब अपने सपने मोडल बनने का अवसर जब मिला तो पूजा ने पलक झपकने से पहले ही उस के लिये हर सम्भव प्रयास करने का मन बना लिया। पूजा बताती है कि उन्हें बचपन से ही फ़ोटोग्राफ़ी और पोज़िंग का बहुत शौक था, लेकिन परिवार और समाज में इन सब में करियर बनाना अच्छा नहीं माना जाता इसलिए कोशिश नही की। लेकिन जब अवसर के रूप में इस प्रतियोगिता में भाग लेने का अवसर मिला तो सीधा देश भर से आयी सैकड़ों प्रतियोगियों को मात दे दूसरे स्थान पर पहुँच गयी। पूजा बताती है कि इस टाइटल व क्राउन को पाने में उनकी दोस्तों सबसे अधिक प्रोत्साहित किया व आयोजकों का शुक्रिया अदा करती है जिन्होंने उन्हें इतना बड़ा प्लेटफॉर्म उपलब्ध करा उन्हें को खुद को साबित करने का अवसर दिया।
पूजा कड़वासरा का सपना है एक दिन मैं उन सभी लड़कियों के लिए प्रेरणा बने जो अपने दम पर कुछ करना चाहती है और सपने पूरे करना चाहती है। प्रतियोगिता सफलता पूर्वक पूर्ण करने के पश्चात पूजा कड़वासरा मंच से अपने क्षेत्र पश्चिमी राजस्थान की युवतियों को संदेश देते कहाँ कि अपने सपने आप किसी भी परिस्थिति में कभी भी पूरे कर सकते है। कोई भी कठीनाई आपको नही रोक पाएगी जिस दिन से आप लोगों की नही खुद के मन की सुनोगे। अपने आप पर पूर्ण विश्वास ही सफलता की पहली सीढ़ी है।
इस अवसर पर विशेष अतिथि एक्टर व मोडल प्रियंका शर्मा, प्रिंस नरूला, युविका चौधरी, शरद चौधरी आदि उपस्थित थे ।
रविवार, 10 अक्टूबर 2021
In the border of Arunachal Pradesh, the Chinese soldiers made Indian soldiers to 150 Chinese soldiers in Koshish
अब तक राजस्थान
In the border of Arunachal Pradesh, the Chinese soldiers made Indian soldiers to 150 Chinese soldiers in Koshish
अरुणाचल प्रदेश की सीमा में चीनी सैनिको ने घुसपेट करने की कोशीष में भारतीय सैनिकों नें 150 चीनी सैनिकों को बनाया बंधक
हंस और उल्लू बनाम देश
कहानी
एक बार एक हंस और हंसिनी हरिद्वार के सुरम्य वातावरण से भटकते हुए उजड़े वीरान और रेगिस्तान के इलाके में आ गए!
हंसिनी ने हंस को कहा:- हम ये किस उजड़े इलाके में आ गये हैं यहां ना तो जल है, ना जंगल और ना ही ठंडी हवाएं हैं,यहां तो हमारा जीना मुश्किल हो जायेगा !
भटकते-भटकते शाम हो गई तो हंस ने हंसिनी से कहा:- किसी तरह आज की रात बीता लो,सुबह हम लोग हरिद्वार लौट चलेंगे !
रात हुई तो जिस पेड़ के नीचे हंस और हंसिनी रुके थे, उस पर एक उल्लू बैठाथा
वह जोर से चिल्लाने लगा.....
हंसिनी ने हंस से कहा:- अरे यहां तो रात में सो भी नहीं सकते.... ये उल्लू चिल्ला रहा है।
हंस ने फिर हंसिनी को समझाया कि किसी तरह रात काट लो,मुझे अब समझ में आ गया है कि ये इलाका वीरान क्यों है
ऐसे उल्लू जिस इलाके में रहेंगे वो तो वीरान और उजड़ा रहेगा ही....
पेड़ पर बैठा उल्लू दोनों की बातें सुन रहा था।
सुबह हुई तो उल्लू नीचे आया और उसने कहा:- हंस भाई, मेरी वजह से आपको रात में तकलीफ हुई, मुझे माफ़ कर दो
हंस ने कहा:- कोई बात नही भैया, आपका धन्यवाद!
यह कहकर जैसे ही हंस अपनी हंसिनी को लेकर आगे बढ़ा तो पीछे से उल्लू चिल्लाया:-
अरे हंस, मेरी पत्नी को लेकर कहां जा रहे हो..
हंस चौंका,उसने कहा:- आपकी पत्नी
अरे भाई,यह हंसिनी है,मेरी पत्नी है,मेरे साथ आई थी, मेरे साथ जा रही है!
उल्लू ने कहाकहा:- खामोश रहो,ये मेरी पत्नी है
दोनों के बीच विवाद बढ़ गया। पूरे इलाके के लोग एकत्र होगये
कई गावों की जनता बैठी, पंचायत बुलाई गई
पंचलोग भी आ गये!
बोले:- भाई किस बात का विवाद है...
लोगों ने बताया कि उल्लू कह रहा है कि हंसिनी उसकी पत्नी है और हंस कह रहा है कि हंसिनी उसकी पत्नी है!
लम्बी बैठक और पंचायत के बाद पंच लोग किनारे हो गये और कहा:-
भाई बात तो यह सही है कि हंसिनी हंस की ही पत्नी है, लेकिन ये हंस और हंसिनी तो अभी थोड़ी देर में इस गांव से चले जायेंगे।
हमारे बीच में तो उल्लू को ही रहना है...
इसलिए फैसला उल्लू के ही हक़ में ही सुनाना चाहिए!
फिर पंचों ने अपना फैसला सुनाया और कहा:-
सारे तथ्यों और सबूतों की जांच करने के बाद यह पंचायत इस नतीजे पर पहुंची है कि हंसिनी उल्लू की ही पत्नी है और हंस को तत्काल गांव छोड़ने का हुक्म दिया जाता है...
यह सुनते ही हंस हैरान हो गया और रोने, चीखने और चिल्लाने लगा कि पंचायत ने गलत फैसला सुनाया।
उल्लू ने मेरी पत्नी ले ली!
रोते चीखते जब वह आगे बढ़ने लगा तो उल्लू ने आवाज लगाई:- ऐ मित्र हंस, रुको!
हंस ने रोते हुए कहा:- भैया, अब क्या करोगे...
पत्नी तो तुमने ले ही ली,अब जान भी लोगे
उल्लू ने कहा:- नहीं मित्र,ये हंसिनी आपकी पत्नी थी, है और रहेगी!
लेकिन कल रात जब मैं चिल्ला रहा था तो आपने अपनी पत्नी से कहा था कि यह इलाका उजड़ा और वीरान इसलिए है क्योंकि यहां उल्लू रहता है!
मित्र, ये इलाका उजड़ा और वीरान इसलिए नहीं है कि यहां उल्लू रहता है बल्कि
यह इलाका उजड़ा और वीरान इसलिए है क्योंकि यहां पर ऐसे पंच रहते हैं जो उल्लुओं के हक़ में फैसला सुनाते हैं!
शायद इतने साल की आजादी के बाद भी हमारे देश की दुर्दशा का मूल कारण यही है कि हमने उम्मीदवार की योग्यता व गुण आदि ना देखते हुए, हमेशा ये हमारी बिरादरी का है,ये हमारी पार्टी का है,ये हमारे इलाके का है, के आधार पर हमेशा अपना फैसला उल्लुओं के ही पक्ष में सुनाया है.दूसरी ओर मादरणीय जजों ने भी उल्लुओं के हक़ में फैसला करने में हमेशा तत्परता दिखाई। ऐसा ही मीडिया में भी हो रहा है
देश क़ी बदहाली और दुर्दशा के लिए कहीं ना कहीं हम सब जिम्मेदार हैं यही कहानी है हमारे पूरे भारत की
भारत इजराइल से SMASH_2000 रिमोट कंट्रोल गन खरीदेगा। बस डाटा कंप्यूटर में फीड करो बाकी काम गन कर देगा, बड़े से बड़ा ड्रोन भी तबाह, इसी गन से इजराइल ने ईरान के वैज्ञानिक मोहसिन_फख्रीजादा को हजारों किमी दूर से ढेर किया था।
अब तक राजस्थानभारत इजराइल से SMASH_2000 रिमोट कंट्रोल गन खरीदेगा।
भारत इजराइल से SMASH_2000 रिमोट कंट्रोल गन खरीदेगा।
बस डाटा कंप्यूटर में फीड करो बाकी काम गन कर देगा, बड़े से बड़ा ड्रोन भी तबाह, इसी गन से इजराइल ने ईरान के वैज्ञानिक मोहसिन_फख्रीजादा को हजारों किमी दूर से ढेर किया था।
भारत इजराइल से SMASH_2000 रिमोट कंट्रोल गन खरीदेगा।
बस डाटा कंप्यूटर में फीड करो बाकी काम गन कर देगा, बड़े से बड़ा ड्रोन भी तबाह, इसी गन से इजराइल ने ईरान के वैज्ञानिक मोहसिन_फख्रीजादा को हजारों किमी दूर से ढेर किया था।
चीन और पाकिस्तान से बढ़ते खतरों को देखते हुए भारत अपने दोस्त इजरायल से घातक रिमोट_कंट्रोल्ड_किलर_गन को खरीदने जा रहा है। स्मैश 2000 नाम के इस किलर गन को शुरुआती तौर पर सीमित संख्या में ही खरीदा जाएगा। यह एंटी-ड्रोन हथियार कंप्यूटराइज्ड फायर कंट्रोल और इलेक्ट्रो-ऑप्टिक साइट प्रणाली जैसी आधुनिक तकनीक से लैस है।
इसे किसी भी रायफल के ऊपर आसानी से फिट किया जा सकता है। कई मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि इसी हथियार की मदद से इजरायल ने हाल में ही ईरानी परमाणु वैज्ञानिक डॉ मोहसिन फखरीजादेह की हत्या की थी। हालांकि, इसकी दोनों देशों में से किसी ने भी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
चार दिसंबर को नौसेना दिवस के अवसर पर नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह ने इस बात की घोषणा की थी कि ड्रोन हमलों से निपटने के लिए नौसेना इस तरह के स्मैश_2000 सिस्टम खरीद रही है। माना जा रहा है कि अगले साल के शुरुआत से नौसेना को इस स्मैश-2000 फायर कंट्रोल सिस्टम की डिलीवरी शुरू हो जाएगी। यह हथियार करीब 120 मीटर उंचाई तक उड़ रहे ड्रोन को मार गिराने में सक्षम है।
इजरायली कंपनी स्मार्ट शूटर ने जुलाई में SMASH प्रोडक्ट से जुड़ी SMASH_Hopper गन को विकसित किया था। इस गन को लाइट रिमोट कंट्रोल्ड वेपन स्टेशन (LRCWS) के नाम से भी जाना जाता है। यह सिस्टम SMASH 2000 कम्प्यूटरीकृत गनसाइट और दूर से नियंत्रित किए जाने वाले माउंट से मिलकर बना है। जिसे किसी ट्रायपॉड, जमीन या किसी गाड़ी के ऊपर भी लगाया जा सकता है।
SMASH 2000 गनसाइट को किसी ऑटोमेटिक गनमाउंट की जरूरत नहीं होती है। यह अपने आप ही लक्ष्य को ढूंढकर उसे लॉक कर लेता है। जिसके बाद दूर बैठे ऑपरेटर को जब लगता है कि अब फायर करने से लक्ष्य को ज्यादा नुकसान होगा, तब वह रिमोट कंट्रोल के जरिए फायर कर सकता है।
बेटों ने चलने फिरने और बोलने में असमर्थ अपने पापा रिटायर्ड मेजर को अस्पताल से छुट्टी मिलते ही घर के एक कमरे में फर्श पर गद्दा लगा दिया और नेपाली नौकर को कहा, "इनका पूरा ख्याल रखना। हमें कोई शिकायत ना मिले।"
"निस्तब्धता" मेजरसाहब
बेटों ने चलने फिरने और बोलने में असमर्थ अपने पापा रिटायर्ड मेजर को अस्पताल से छुट्टी मिलते ही घर के एक कमरे में फर्श पर गद्दा लगा दिया और नेपाली नौकर को कहा, "इनका पूरा ख्याल रखना। हमें कोई शिकायत ना मिले।"
छोटे बेटे की नई शादी हुई थी। उसने हनीमून व गर्मियाँ बिताने के लिए स्विट्जरलैंड जाने का प्रोग्राम बनाया और चला गया।
बाद में दूसरे बेटे ने कनाडा एवं यू एस में और तीसरे ने रूस में छुट्टियाँ व्यतीत करने के प्रोग्राम बना कर निकल गए। जाते जाते नौकर को एक फोन देते हुए चेतावनी दी, "हमारी दो माह के बाद वापसी होगी। तुम पापा का पूरा ख्याल रखना, समय पर खाना, दूध और दवाएँ देना। पापा को तनिक भी परेशानी नहीं होनी चाहिए।"
नौकर ने सहज सहमति दे दी और वे सभी चले गए।
वे जहाँ भी जाते, आवश्यकता पड़ने पर हर जगह अपना परिचय मेजर के बेटे होने से शुरु करते और अपने पापा के साहस की कहानियाँ सुनाते .......
इधर बूढ़ा अपाहिज पिता अकेला घर के कमरे में लेटा साँसे लेता रहा। जजवह ना चल सकता था। ना स्वयं से कुछ माँग सकता था। नौकर 24 घण्टों उनके पास ही रहता और समय से भोजन, पानी, दूध, दवा आदि देता रहता।
एक महीना बीत गया। इस बीच नौकर के पास पापा का हाल जानने के लिये किसी बेटे का कोई फोन नहीं आया। अपनी जिम्मेदारियों से बचने व छुट्टियों के खराब होने के डर से सभी स्वयं को छोड़कर शेष दोनों भाइयों पर आश्रित बने रहे।
एक दिन नौकर फोन घर पर ही छोड़ कमरे में ताला लगाकर बाजार से दूध लेने गया तो उसका एक्सीडेंट हो गया। लोगों ने उसे हॉस्पिटल पहुँचाया किन्तु वह कोमा में चला गया। नौकर कोमा से होश में ना आ सका और एक दिन चल बसा। उसके पास कोई वस्तु बरामद नहीं हुई थी। (फोन घर पर रख दिया था और एक्सीडेंट के समय चाभी शायद कहीं गुम हो गयी थी) अतः लावारिस मान कर प्रशासन ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया।
बेटों ने नौकर को सिर्फ पिता के कमरे की चाबी दी थी। बाकी सारे घर को ताले लगाकर चाबियाँ साथ ले गए थे।प्रतिदिन की भाँति उस दिन भी नौकर उस कमरे को ताला लगाकर चाबी साथ लेकर गया था ताकि उसकी अनुपस्थिति में कोई घर मे घुस ना सके। और फिर वह अभी वापस आ ही जायेगा।
अब बूढ़ा रिटायर्ड मेजर जनरल कमरे में बन्द हो चुका था। वह चल फिर भी नहीं सकता था। किसी को आवाज नहीं दे सकता था।
अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जब सबसे पहले पहला बेटा वापस आया तो घर पर ताला बंद पाकर नौकर को फोन लगाया। लम्बे समय से रिचार्ज न होने के कारण सिम डिएक्टिवेट हो गया था शायद इसलिए फोन नहीं लगा। दूसरे भाइयों से बात करके जानना चाहा कि नौकर से उनकी लास्ट बात कब हुई थी। दोनों ने कोई बात न होने की बात बताई। पड़ोसियों ने बताया कि उन्होंने नौकर को बहुत दिनों से बाहर निकलते या आते जाते नहीं देखा है।
हार मान कर जब ताला तोड़कर कमरा खोला गया तो ...
पूरा कमरा हल्की बदबू से भरा हुआ था। खिड़की दरवाजे सब बन्द थे। ए सी चल रहा था अतः कमरे में ठंडक थी। फर्श पर पड़े गद्दे पर एक कंकाल पड़ा हुआ था जिसके गले तक चादर पड़ी हुई थी। उस कंकाल के शरीर में सेना की वर्दी थी जो चादर से बाहर निकली बाहों में दिख रही थी। कमरे में निस्तब्धता छाई हुई थी।
यह कहानी हमें बता रही है कि किस तरह अपनी संतान के लिए नेकी और बुराई की परवाह किए बगैर हम सब उनका भविष्य संभालने के लिए तन, मन, धन खपाते हैं और ज्यादा से ज्यादा दौलत-जायदादें बनाकर उनका भविष्य की पीढ़ियों को आर्थिक रूप से सुदृढ़ करने की कोशिश करते हैं। ऐसा करते समय यह सोचते रहते हैं कि यह औलाद कल बुढ़ापे में मेरी देखभाल करेगी।
बेहतरीन स्कूलों में भौतिक शिक्षा दिलवाने की आपाधापी में हम ये भूल जाते हैं कि जीवन उपयोगी नैतिक मूल्यों, मानवतायुक्त संस्कारों, धार्मिक विचारों की शिक्षा देने से ही मानव का पूर्ण विकास संभव होता है। नैतिक, सामाजिक, धार्मिक व मानवीय शिक्षा को हम समय की बर्बादी समझते हैं।
यदि ऐसा कहा जाय कि बूढ़े, अपाहिज और अशक्त हो चुके रिटायर्ड मेजर का मर जाना ही उचित था। मानते हैं ... किंतु क्या ऐसी मृत्यु... न..न...न!
शनिवार, 9 अक्टूबर 2021
इज्जत कीजिए आज की युवा पीढ़ी का जिसने अपने कंधों पर सनातन का बोझ उठाए रखा है, इज्जत कीजिए उन लड़कों का जो निक्कर पहने आपके दरवाजे पर धार्मिक कार्यों के लिए चंदा मांगने आते हैं इज्जत कीजिए उन बच्चों का जो अपनी पढ़ाई लिखाई को 2 दिन 4 दिन के लिए भूल कर आपके इष्ट की आराधना करने के लिए दिन रात मेहनत करते हैं इज्जत किजिए ऐसे बच्चों का जो आज भी सनातन के लिए मरने और मारने के लिए तैयार हैं।
अब तक राजस्थान
इज्जत कीजिए आज की युवा पीढ़ी का जिसने अपने कंधों पर सनातन का बोझ उठाए रखा है, इज्जत कीजिए उन लड़कों का जो निक्कर पहने आपके दरवाजे पर धार्मिक कार्यों के लिए चंदा मांगने आते हैं इज्जत कीजिए उन बच्चों का जो अपनी पढ़ाई लिखाई को 2 दिन 4 दिन के लिए भूल कर आपके इष्ट की आराधना करने के लिए दिन रात मेहनत करते हैं इज्जत किजिए ऐसे बच्चों का जो आज भी सनातन के लिए मरने और मारने के लिए तैयार हैं।
इज्जत कीजिए आज की युवा पीढ़ी का जिसने अपने कंधों पर सनातन का बोझ उठाए रखा है, इज्जत कीजिए उन लड़कों का जो निक्कर पहने आपके दरवाजे पर धार्मिक कार्यों के लिए चंदा मांगने आते हैं इज्जत कीजिए उन बच्चों का जो अपनी पढ़ाई लिखाई को 2 दिन 4 दिन के लिए भूल कर आपके इष्ट की आराधना करने के लिए दिन रात मेहनत करते हैं इज्जत किजिए ऐसे बच्चों का जो आज भी सनातन के लिए मरने और मारने के लिए तैयार हैं।
ठीक है हमें सिखाया गया है प्राणियों में सद्भावना रहे विश्व का कल्याण हो लेकिन प्राणियों में सद्भावना रखने के लिए धर्म के प्रति जागरूक होना बेहद जरूरी है तो चलिए आप धन्यवाद दीजिए ऐसे लड़कों को जो लड़के सरस्वती पूजा गणेश पूजा छठ पूजा दुर्गा पूजा शिवरात्रि में पंडाल सजाते हैं।
ऐसे लड़के हैं आपकी नजर में बदमाश हो सकते हैं अगर हमारे बनारस वाले भाषा में कहा जाए तो ऐसे लड़के मोहल्ले में ही नहीं बल्कि पूरे जिले में लफुआ कहलाते हैं लेकिन यह लड़के लफुआ नहीं होते हैं यह लड़के दुनिया भर की गाली सुनकर चुपचाप अपने काम में अपना ध्यान लगाते हैं ऐसे लड़के जो अपने बाप से भी एक रुपए नहीं मांगते हैं वह आपके दरवाजे पर मां भगवती की प्रतिमा बैठाने के लिए चंदा मांगने आते हैं
आप जानते हैं चंदा में और भीख में क्या अंतर है भीख स्वयं के लिए मांगी जाती है और चंदा सामाजिक कार्यों के लिए ऐसे लड़के जो कभी किसी के सामने नहीं झुकते हैं वह आपके दरवाजे पर आपके तिरस्कार को झेलते हुए भी मुस्कुराते हैं और मुस्कुराते हुए कहते हैं चाचा आप के नाम पर ₹50 का चंदा काटा है और आप बदले में उन्हें ₹5 देते हो,लेकिन वह ₹5 लेकर भी निराश नहीं होते हैं और जाते-जाते आपसे कहते हैं कि चाचा जी मोहल्ले में ही दुर्गा मां बैठी है आपको जरूर आना है
क्या होता होगा आपके पांच रुपए से,आज के तारीख में ₹5 में 5 माचिस की डिब्बी आती है ₹5 में एक अगरबत्ती का पैकेट भी नहीं आता है अगर दर्जन के हिसाब से केले लेने जाए तो ₹5 में दो केले आते हैं किलो के हिसाब से सेव लेने जाए तो ₹5 में शायद आधा सेव भी ना आएं, अगर दुर्गा मैया के चुनरी लेने जाएं तो ₹5 में आधा फुट का भी चुनरी नहीं आएगा, यकीन कीजिए आपके ₹5 में कुछ नहीं आएगा लेकिन आपका ₹5 ऐसे बच्चों के मनोबल को कभी टूटने नहीं देगा।
फिर भी यह लड़के ₹5 लेकर मुस्कुराते हैं और जी जान से आपके आराध्य को आपके मोहल्ले में स्थापित करते हैं आप उनका मनोबल नहीं बढ़ा सकते हैं तो उन्हें लफुआ कहकर बदमाश आवारा बदतमीज कह के उनका मनोबल मत तोड़िए, वह जब गलत करें तो आप उन्हें जरूर दंड दीजिए किंतु जब कोई लड़का आपके दरवाजे पर आपकी और हमारी संस्कृति की रक्षा के लिए चंदा मांगने आए तो आप उसे पैसे दे या ना दे उसका तिरस्कार कभी मत करें।
हमारे सनातन में साफ साफ शब्दों में कहा गया है कि धर्म की जय हो अधर्म का नाश हो प्राणियों में सद्भावना हो विश्व का कल्याण हो मात्र यह चार लाइन अगर हम समझ सके तो हमारा जीवन धन्य हो जाएगा।
मैं अपने तरफ से उन सभी लड़कों को सलाम करता हूं जो इस तरह के धार्मिक कार्यों में सम्मिलित होते हैं आप सब हमारे भविष्य है महादेव आपकी सारी मनोकामनाएं पूरी करें.
शब्द
नवरात्रि_की_हार्दिक_शुभकामनाएं
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