इज्जत कीजिए आज की युवा पीढ़ी का जिसने अपने कंधों पर सनातन का बोझ उठाए रखा है, इज्जत कीजिए उन लड़कों का जो निक्कर पहने आपके दरवाजे पर धार्मिक कार्यों के लिए चंदा मांगने आते हैं इज्जत कीजिए उन बच्चों का जो अपनी पढ़ाई लिखाई को 2 दिन 4 दिन के लिए भूल कर आपके इष्ट की आराधना करने के लिए दिन रात मेहनत करते हैं इज्जत किजिए ऐसे बच्चों का जो आज भी सनातन के लिए मरने और मारने के लिए तैयार हैं।

अब तक राजस्थान

इज्जत कीजिए आज की युवा पीढ़ी का जिसने अपने कंधों पर सनातन का बोझ उठाए रखा है, इज्जत कीजिए उन लड़कों का जो निक्कर पहने आपके दरवाजे पर धार्मिक कार्यों के लिए चंदा मांगने आते हैं इज्जत कीजिए उन बच्चों का जो अपनी पढ़ाई लिखाई को 2 दिन 4 दिन के लिए भूल कर आपके इष्ट की आराधना करने के लिए दिन रात मेहनत करते हैं इज्जत किजिए ऐसे बच्चों का जो आज भी सनातन के लिए मरने और मारने के लिए तैयार हैं।



इज्जत कीजिए आज की युवा पीढ़ी का जिसने अपने कंधों पर सनातन का बोझ उठाए रखा है, इज्जत कीजिए उन लड़कों का जो निक्कर पहने आपके दरवाजे पर धार्मिक कार्यों के लिए चंदा मांगने आते हैं इज्जत कीजिए उन बच्चों का जो अपनी पढ़ाई लिखाई को 2 दिन 4 दिन के लिए भूल कर आपके इष्ट की आराधना करने के लिए दिन रात मेहनत करते हैं इज्जत किजिए ऐसे बच्चों का जो आज भी सनातन के लिए मरने और मारने के लिए तैयार हैं।

ठीक है हमें सिखाया गया है प्राणियों में सद्भावना रहे विश्व का कल्याण हो लेकिन प्राणियों में सद्भावना रखने के लिए धर्म के प्रति जागरूक होना बेहद जरूरी है तो चलिए आप धन्यवाद दीजिए ऐसे लड़कों को जो लड़के सरस्वती पूजा गणेश पूजा छठ पूजा दुर्गा पूजा शिवरात्रि में पंडाल सजाते हैं।

ऐसे लड़के हैं आपकी नजर में बदमाश हो सकते हैं अगर हमारे बनारस वाले भाषा में कहा जाए तो ऐसे लड़के मोहल्ले में ही नहीं बल्कि पूरे जिले में लफुआ कहलाते हैं लेकिन यह लड़के लफुआ नहीं होते हैं यह लड़के दुनिया भर की गाली सुनकर चुपचाप अपने काम में अपना ध्यान लगाते हैं ऐसे लड़के जो अपने बाप से भी एक रुपए नहीं मांगते हैं वह आपके दरवाजे पर मां भगवती की प्रतिमा बैठाने के लिए चंदा मांगने आते हैं

आप जानते हैं चंदा में और भीख में क्या अंतर है भीख स्वयं के लिए मांगी जाती है और चंदा सामाजिक कार्यों के लिए ऐसे लड़के जो कभी किसी के सामने नहीं झुकते हैं वह आपके दरवाजे पर आपके तिरस्कार को झेलते हुए भी मुस्कुराते हैं और मुस्कुराते हुए कहते हैं चाचा आप के नाम पर ₹50 का चंदा काटा है और आप बदले में उन्हें ₹5 देते हो,लेकिन वह ₹5 लेकर भी निराश नहीं होते हैं और जाते-जाते आपसे कहते हैं कि चाचा जी मोहल्ले में ही दुर्गा मां बैठी है आपको जरूर आना है

क्या होता होगा आपके पांच रुपए से,आज के तारीख में ₹5 में 5 माचिस की डिब्बी आती है ₹5 में एक अगरबत्ती का पैकेट भी नहीं आता है अगर दर्जन के हिसाब से केले लेने जाए तो ₹5 में दो केले आते हैं किलो के हिसाब से सेव लेने जाए तो ₹5 में शायद आधा सेव भी ना आएं, अगर दुर्गा मैया के चुनरी लेने जाएं तो ₹5 में आधा फुट का भी चुनरी नहीं आएगा, यकीन कीजिए आपके ₹5 में कुछ नहीं आएगा लेकिन आपका ₹5 ऐसे बच्चों के मनोबल को कभी टूटने नहीं देगा।

फिर भी यह लड़के ₹5 लेकर मुस्कुराते हैं और जी जान से आपके आराध्य को आपके मोहल्ले में स्थापित करते हैं आप उनका मनोबल नहीं बढ़ा सकते हैं तो उन्हें लफुआ कहकर बदमाश आवारा बदतमीज कह के उनका मनोबल मत तोड़िए, वह जब गलत करें तो आप उन्हें जरूर दंड दीजिए किंतु जब कोई लड़का आपके दरवाजे पर आपकी और हमारी संस्कृति की रक्षा के लिए चंदा मांगने आए तो आप उसे पैसे दे या ना दे उसका तिरस्कार कभी मत करें।

हमारे सनातन में साफ साफ शब्दों में कहा गया है कि धर्म की जय हो अधर्म का नाश हो प्राणियों में सद्भावना हो विश्व का कल्याण हो मात्र यह चार लाइन अगर हम समझ सके तो हमारा जीवन धन्य हो जाएगा।

मैं अपने तरफ से उन सभी लड़कों को सलाम करता हूं जो इस तरह के धार्मिक कार्यों में सम्मिलित होते हैं आप सब हमारे भविष्य है महादेव आपकी सारी मनोकामनाएं पूरी करें.
शब्द 

नवरात्रि_की_हार्दिक_शुभकामनाएं

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