अब तक राजस्थान
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हनुमानगढ़ पुलिस की सफलता:8वीं पास ने बनाई फर्जी क्रेडिट सोसायटी, 500 से अधिक खाते खोल एक करोड़ ठगे, गिरफ्तार
अब तक राजस्थान । हनुमानगढ. 16 सितम्बर । फर्जी तरीके से क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटी बनाकर अधिक ब्याज का लालच देकर लोगों का निवेश करा एक करोड़ से अधिक रुपए हड़पने के मामले में जिला पुलिस ने बुधवार को मास्टरमाइंड को अनूपगढ़ से गिरफ्तार किया।
खास बात है कि महज 8वीं पास आरोपी अपने दोस्त के साथ पहले एक दूसरी कंपनी में काम करता था जिसके बाद दोनों ने पार्टनरशिप में फर्जी सोसायटी बना भोलेभाले लोगों को ठगते रहे। आरोपी इतना शातिर है कि वह पुलिस से बचने के लिए बार-बार ठिकाने और मोबाइल नंबर बदलता रहा लेकिन बुधवार को आखिरकार पुलिस की गिरफ्त में आ गया।
सीओ सिटी प्रशांत कौशिक ने बताया कि गुण ज्ञान क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटी के नाम से लोगों से राशि हड़पने के मास्टरमाइंड आरोपी बलवंत पुत्र देशराज निवासी रोजड़ी थाना घड़साना जिला श्रीगंगानगर को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है।
उसे पूछताछ के लिए कोर्ट में पेश कर 4 दिन के रिमांड पर लिया गया है। रिमांड अवधि में उससे रकम की बरामदगी का प्रयास किया जाएगा। प्रारंभिक पूछताछ में उसने सोसायटी के नाम से 500 से अधिक लोगों की राशि हड़पना कबूला है।
हड़पी गई रकम एक करोड़ रुपए से अधिक है जिसके बारे में बरामद रिकॉर्ड की भी बारीकी से गहनता से जांच की जा रही है। वहीं इस संबंध में सहकारिता विभाग को भी लिखा जाएगा। हालांकि आरोपियों के पास सोसायटी के नाम पर न तो आरबीआई का लाइसेंस और न ही सहकारिता विभाग की स्वीकृति मिली है।
पुलिस को जांच-पड़ताल में 500 से अधिक खातों का रिकॉर्ड मिला है। ऐसे में परिवादियों की संख्या बढ़ सकती है। हालांकि पुलिस का कहना है कि अगर इस क्रेडिट सोसायटी में कोई ठगी का शिकार हुआ है और संबंधित के बाद एफडीआर या आरडी खाता के प्रमाण के तौर पर कोई ऐसा प्रमाण है जोकि आरोपियों ने उनको दिया था तो वह इस संबंध में केस दर्ज करवा सकते हैं। सीओ ने बताया कि इस संबंध में टाउन, जंक्शन या सदर थाना के अलावा सीओ सिटी कार्यालय में भी परिवाद दिया जा सकता है जिससे पुलिस जांच का दायरा बढ़ा सकेगी।
जांच अधिकारी बोले- गाढ़ी कमाई राह चलती सोसायटी में निवेश नहीं करें, पीड़ित दें परिवाद ताकि बढ़ाया जा सके जांच का दायरा: सीओ सिटी प्रशांत कौशिक का कहना है कि फर्जी क्रेडिट सोसायटी के मास्टरमाइंड आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है। आमजन से भी अपील है कि अपनी गाढ़ी कमाई राह चलती सोसायटी में निवेश नहीं करें। अगर इस सोसायटी में ठगी के शिकार हुए हैं तो पुलिस को परिवाद दें ताकि जांच का दायरा बढ़ाने के साथ ही हड़पी गई रकम का सही ब्यौरा मिल सके। वहीं जंक्शन पुलिस ने भी एक परिवादी की रिपोर्ट पर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया था। फिलहाल पुलिस ने टाउन में दर्ज मामले में बलवंत की गिरफ्तारी की है।
यह था तरीका- मंथली के साथ ही डेली कलेक्शन भी करते, पास बुक भी देते थे
गिरफ्तार आरोपी ने पुलिस को बताया कि किसी को शक नहीं हो इसलिए जो चाहे जितने का भी खाता खुलवाना चाहे खोल देते थे क्योंकि रकम उनकी जेब में ही जानी होती थी। मंथली खाते खोलने के साथ ही दिहाड़ी मजदूर, रेहड़ी-ठेले वाले जो लोग मासिक किश्त के रुपए इकठ्ठे नहीं दे सकते थे उनसे डेली कलेक्शन के लिए भी एजेंट छोड़ रखे थे जोकि रोजाना उगाही कर लाते थे। इसके लिए संबंधित लोगों को पास बुक भी बनाकर देते थे। बैंक और डाकघर से भी जल्दी 3 से 4 वर्ष में रुपए दोगुने करने का कहने से लोग झांसे में आकर एफडी करवा देते थे।
कई मामले दर्ज- आरोपियों के खिलाफ टाउन और जंक्शन में दो मामले दर्ज
टाउन के रहने वाले सुनील कुमार अरोड़ा ने गत नवंबर माह 2020 में केस दर्ज करवाया कि बलवंत पुत्र देशराज और उसके साथी बलवंत ने उसे अधिक ब्याज और निवेश पर जल्दी राशि दोगुनी करने का झांसा देकर अपनी सोसायटी गुण ज्ञान क्रेडिट सोसायटी में खाता खोल दिया। इसके बाद वह हर माह किश्त जमा करवाता रहा। आरोपियों ने सुरेशिया में राजीव गांधी स्टेडियम के पास सोसायटी का कार्यालय बनाया था जिस पर उसे पता चला कि आरोपी जमा करवाई गई रकम हड़पने के लिए यहां से फरार हो गए। इस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर किया था।
आज की बचत, कल की मुस्कान देकर कर हजारों लोगों को रूलाया
आराेपियाें ने क्रेडिट साेसायटी के नाम पर जाे पासबुकें ग्राहकाें काे वितरित की हैं उस पर आज की बचत कल की मुस्कान अंकित है। इस तरह से वह निवेश पर लाेगाें काे अधिक फायदे का लालच देकर जाल में फंसाते थे और अब स्थिति यह है कि सोसायटी में अपनी गाढी कमाई की पूंजी गंवा चुके लोग के चेहरों पर मुस्कान की बजाए निराशा है। पुलिस के पास अभी दो ऐसे परिवादी आ चुके हैं। पुलिस जब्त किए गए रिकॉर्ड को लेकर बारीकी से जांच कर रही है। वहीं पास बुक पर लिखे गए रजिस्ट्रेशन नंबर को लेकर सहकारिता विभाग से अलग से जानकारी जुटाई जा रही है।


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