1. कृषि विभाग के आत्मा योजना से बङी खबर . 2.नाबालिग से दो दिन में दो बार रेप और गैंगरेप सहेली घुमाने के बहाने नर्मदापुरम के जंगल में ले गई

बीकानेर पंचायत समिति क्षेत्र के कालासर गांव में मंगलवार रात करीब 387 खेजड़ी के पेड़ काट दिए गए। 

ACB ने PHED के अधीक्षण अभियंता को घूस में आइफोन लेते किया गिरफ्तार


झालावाड़ में एसीबी ने कार्रवाई करते हुए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग वृत झालावाड़ में अधीक्षण अभियंता विष्णु चन्द गोयल को रिश्वत के रूप में एक आईफोन मोबाइल लेते रंगे हाथों किया गिरफ्तार, आईफोन मोबाइल एक्स आर एप्पल कम्पनी का है, जिसकी कीमत करीब 84,000 रुपए का अनुमान, परिवादी द्वारा किए जा रहे हैंडपम्प रिपेयर, पाईपलाईन लीकेज रिपेयरिंग और लेण्ड सम्पर्क के कार्य के बिल पास करने और परेशान नही करने की ऐवज में एक आईफोन 16 प्रो मोबाईल की रिश्वत के रूप में की थी मांग।

मध्यस्थता निर्णयों को कोर्ट में चुनौती देने से अधिनियम का मकसद खत्म हो जाएगा: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर अदालतों को हर स्टेज पर दखल देने दिया गया और मध्यस्थता निर्णयों को उनके सामने चुनौती दी गई, तो इससे मध्यस्थता कानून का मकसद ही खत्म हो जाएगा.जस्टिस पी एस नरसिम्हा और पंकज मिथल की बेंच ने कहा कि मध्यस्थता और सुलह अधिनियम, 1996 एक खास कानून है. इसका मकसद कॉन्ट्रैक्ट या कमर्शियल झगड़ों को मध्यस्थता के जरिए सुलझाना है जिसमें कोर्ट का कम से कम दखल हो.
बेंच ने कहा, 'अगर कोर्ट को हर स्टेज पर दखल देने दिया जाता है और मध्यस्थता निर्णयों को पहले कोर्ट में रेगुलर अपील के जरिए और आखिर में सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी/सिविल अपील के जरिए चुनौती दी जाती है, तो इससे अधिनियम का मकसद ही खत्म हो जाएगा.' बेंच ने कहा कि इसलिए मध्यस्थता निर्णयों को स्वीकार करना जरूरी है, अगर यह साफ तौर पर गैर-कानूनी नहीं है या अधिनियम की धारा 34 के तहत दखल के दायरे में नहीं आता है.
पीठ ने कहा कि इसकी अपील में दखल का दायरा बहुत कम है, खासकर तब जब मध्यस्थता निर्णयों को अधिनियम के सेक्शन 34 के तहत बरकरार रखा गया हो. सुप्रीम कोर्ट ने ये बातें मद्रास हाईकोर्ट की एक डिवीजन बेंच के मार्च 2021 के फैसले को रद्द करते हुए कहीं, जिसमें एक मध्यस्थता अधिकरण द्वारा एक फर्म को दिए गए क्लेम को हटाने का निर्देश दिया गया था.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसकी राय है कि अपील कोर्ट ने एक्ट के सेक्शन 34 के तहत हाईकोर्ट के सिंगल जज के फैसले और ऑर्डर में दखल देकर साफ तौर पर कानूनी गलती की है, जिससे क्लेम नंबर 7 के संबंध में मध्यस्थता निर्णयों में गड़बड़ी हुई है. सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला एक फर्म की अपील पर आया, जिसे मुश्किल ड्रेजिंग ऑपरेशन करने में एक्सपर्टाइज है. फर्म ने हाईकोर्ट के ऑर्डर को चुनौती दी थी.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मध्यस्थता के मामलों में कोर्ट के दखल की गुंजाइश लगभग मना है, अगर पूरी तरह से नहीं. अपील कोर्ट की शक्तियां एक्ट के सेक्शन-34 द्वारा दी गई शक्तियों से भी ज्यादा सीमित है. एक्ट के सेक्शन 37 के तहत अपील की शक्ति का इस्तेमाल सिर्फ यह पता लगाने के लिए किया जा सकता है कि क्या कोर्ट ने एक्ट के सेक्शन 34 के तहत शक्ति का इस्तेमाल करते हुए, उसके तहत तय सीमाओं के अंदर काम किया है या दी गई शक्ति का इस्तेमाल करने में नाकाम रहा है. पीठ ने कहा. सुप्रीम कोर्ट ने देखा कि पार्टियों के बीच एक ड्रेजिंग प्रोजेक्ट के फाइनल बिल के तहत बकाया पेमेंट न करने और कम पेमेंट करने को लेकर विवाद हुआ था.
शुरू में यह विवाद सितंबर 2012 में एक आर्बिट्रल ट्रिब्यूनल को भेजा गया था, जिसने बैकहो ड्रेजर के आइडलिंग चार्ज के बारे में फर्म के दावे के संबंध में उसे 14.66 करोड़ रुपये की रकम दी थी. तूतीकोरिन पोर्ट ट्रस्ट ने मध्यस्थता निर्णयों को हाईकोर्ट की सिंगल-जज बेंच के सामने चुनौती दी जिसने पिटीशन खारिज कर दी और आर्बिट्रल ट्रिब्यूनल के नतीजों को सही ठहराया. पोर्ट ट्रस्ट हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच के सामने गया, जिसने बैकहो ड्रेजर के लिए आइडल चार्ज के संबंध में ट्रिब्यूनल द्वारा दिए गए क्लेम को हटाने का निर्देश दिया.

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बीकानेर पंचायत समिति क्षेत्र के कालासर गांव में मंगलवार रात करीब 387 खेजड़ी के पेड़ काट दिए गए। 

यह भूमि भारत सरकार के ऊर्जा मंत्रालय के अधीन नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन (NTPC) द्वारा सोलर प्लांट लगाने के लिए किसानों से लीज पर ली गई है। उल्लेखनीय है कि बीते पांच महीनों में यह दूसरी बार है जब यहां बड़ी संख्या में खेजड़ी के पेड़ काटे गए हैं।

मंगलवार रात सुनसान क्षेत्र में खेजड़ी के पेड़ों पर आरी चलती रही। इलाका आबादी से दूर होने के कारण ग्रामीणों को इसकी जानकारी बुधवार सुबह लगी, जिसके बाद विरोध शुरू हो गया। करीब 300 बीघा क्षेत्र में खेजड़ी के पेड़ कटे हुए पड़े मिले।

प्लांट के लिए पाइलिंग कार्य कर रहे फलोदी निवासी ठेकेदार पुखराज भील ने बताया कि पेड़ काटने को लेकर जब लार्सन एंड टुब्रो (L&T) के कर्मचारियों से सवाल किया गया तो वे बिना जवाब दिए लौट गए। आरोप है कि ग्रामीणों से उल्टे बदसलूकी और धमकी दी गई, जिसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

सूचना मिलने पर दोपहर में जामसर पुलिस, वन विभाग की टीम और हल्का पटवारी मौके पर पहुंचे। पटवारी राजबाला बिश्नोई ने बताया कि प्रारंभिक जांच में करीब 387 खेजड़ी के पेड़ काटे जाने की पुष्टि हुई है। इस क्षेत्र में सोलर प्लांट स्थापित करने का कार्य एलएनटी द्वारा किया जा रहा है, जबकि अलग-अलग कार्यों के लिए अन्य कंपनियों को ठेके दिए गए हैं।

बाड़मेर: जनवरी 2026 हो सकता है HRRL रिफाइनरी का उद्घाटन, 50 हजार नौकरियों की उम्मीद



जयपुर: राजस्थान का बहुप्रतीक्षित ड्रीम प्रोजेक्ट HRRL रिफाइनरी अब जल्द ही शुरू होने वाला है. करीब 80 हजार करोड़ रुपये की लागत से बनी यह आधुनिक रिफाइनरी प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयां देगी. इसकी पहली यूनिट चालू होने की मजबूत संभावनाएं हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसी महीने इसका उद्घाटन कर सकते हैं. पाइपलाइन से कच्चे तेल की आपूर्ति का सफल परीक्षण हो चुका है. अब बस उद्घाटन तिथि की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है.

प्रोजेक्ट का सफर और महत्व:


यह महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है. साल 2013 में हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL) और राजस्थान सरकार के बीच 74 और 26 प्रतिशत की भागीदारी पर समझौता हुआ था. तत्कालीन यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इसकी आधारशिला रखी. फिर 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निर्माण कार्य की शुरुआत की. अब यह ऊर्जा क्षेत्र में प्रदेश के लिए गेम चेंजर साबित होगा. सालाना 9 मिलियन मेट्रिक टन की उत्पादन क्षमता वाली यह रिफाइनरी सुरक्षा के लिहाज से भी मजबूत है क्योंकि इसकी जिम्मेदारी CISF को सौंपी गई है.

पेट्रो जोन और नए उद्योग:


रिफाइनरी के साथ राजस्थान पेट्रो जोन भी स्थापित किया गया है जहां पेट्रोकेमिकल आधारित उद्योग लगेंगे. RIICO युद्ध स्तर पर इस पर काम कर रहा है. उद्घाटन के साथ बोरावास और कलावा में नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित हो रहे हैं. यहां रिफाइनरी से निकलने वाले बायप्रोडक्ट पर आधारित कारखाने लगेंगे जो रोजगार के द्वार खोलेंगे.

रोजगार और युवाओं का उत्साह:


इस प्रोजेक्ट से करीब 50 हजार प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियां मिलने की उम्मीद है. पेट्रोकेमिकल उद्योगों से असीमित अवसर पैदा होंगे. स्थानीय युवाओं में इसकी वजह से जबरदस्त उत्साह है क्योंकि यह उनके भविष्य को रोशन करेगा. यह रिफाइनरी न सिर्फ ऊर्जा जरूरतें पूरी करेगी बल्कि राजस्थान को औद्योगिक हब बनाएगी.


नई दिल्ली: ईरान के कई शहरों में उग्र प्रदर्शन, इंटरनेट-फोन सर्विस ठप अबतक 42 लोगों की मौत



नई दिल्ली: ईरान में सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। ईरान के लोग सैयद अली हुसैनी खामेनेई के नेतृत्व वाली इस्लामी सरकार के खिलाफ सड़क पर उतर आए हैं। लोगों का यह विरोध प्रदर्शन बढ़ती महंगाई, लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था और सुरक्षा बलों की दमनकारी कार्रवाइयों के खिलाफ है।

8 जनवरी की रात ईरान में विरोध प्रदर्शन काफी तेज हो गए, जिसके चलते राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के नेतृत्व वाली ईरान सरकार ने देश में इंटरनेट और अंतरराष्ट्रीय टेलीफोन कॉल बंद कर दिए।देश की न्यायपालिका और सुरक्षा बलों के प्रमुख ने लोगों के आजादी-आजाजी के नारों के बीच कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। इस प्रदर्शन में अब तक 42 लोगों की मौत हो गई है।

पहलवी ने किया प्रदर्शन का आह्वान:


युवराज रजा पहलवी ने गुरुवार और शुक्रवार को स्थानीय समयानुसार रात 8 बजे प्रदर्शनों का आह्वान किया था। रजा पहलवी के गंभीर रूप से बीमार पिता 1979 की इस्लामी क्रांति से ठीक पहले ईरान से भाग गए थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही घड़ी में 8 बजे का समय हुआ, तेहरान के सभी इलाकों में नारे गूंजने लगे। इन्हीं प्रदर्शनकारियों में कुछ प्रदर्शनकारी पहलवी के आह्वान का पालन करते हुए नजर आए। ईरान में हो रहे विरोध प्रदर्शन में नारे लगे, 'तानाशाह मुर्दाबाद!' और 'इस्लामी गणराज्य मुर्दाबाद!' भीड़ में मौजूद लोगों ने यह भी कहा कि 'यह आखिरी लड़ाई है! पहलवी वापस लौटेगा!'

42 लोगों की हुई मौत:


ईरान के हर शहर और ग्रामीण कस्बे में शुरू हुए विरोध प्रदर्शन गुरुवार को भी जारी रहे। प्रदर्शनकारियों के समर्थन में कई बाजार और दुकानें बंद रहीं। अमेरिका स्थित मानवाधिकार कार्यकर्ता समाचार एजेंसी के अनुसार, प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा में अब तक कम से कम 42 लोगों की जान जा चुकी है। वहीं 2,270 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है।
                                    

                                 जयपुर में भारतीय सेना


कृषि विभाग के आत्मा योजना से बङी खबर















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