बिहार-यूपी-एमपी में भी हो सकती है 'बादाम' की खेती! आवाज_एक_पहल

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बिहार-यूपी-एमपी में भी हो सकती है
'बादाम' की खेती!

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क्या बिहार-यूपी-एमपी में भी हो सकती है बादाम की खेती? हजार रुपए किलो बिकने वाला बादाम क्या आपके बगीचे का शोभा बढ़ा सकता  है?
जबाब है हां ! बिल्कुल हो सकता है!
यह जवाब  आपको हैरत में डाल सकता है  क्योंकि जैसे ही बादाम की खेती की बात आती है तो अमूमन हमारे दिमाग में ठंडे और पहाड़ी प्रदेश आते हैं ।भारत में इसकी खेती के लिए जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में किए जाते हैं । अमेरिका का कैलिफोर्निया बदाम पूरे विश्व में मशहूर है।


हाल के दिन में बिहार-यूपी-एमपी जैसे राज्यों के किसानों ने शौकिया तौर पर बादाम के पौधे लगाए हैं जो अब बड़े होकर फल देने लगे हैं।
हाल ही में ग्वालियर के डबरा कस्बे के एक किसान का न्यूज़ काफी वायरल हुआ था। दरअसल उन्होंंने प्रायोगिक तौर पर अपने बगीचे में एक बादाम का पौधा लगाएं थे  जो अब बड़े होकर फल देने लगे हैं। प्रकृति के इस अनूठे प्रयोग का परिणाम देखकर कृषि वैज्ञानिक भी हैरत में हैं। ग्वालियर अंचल जैसे गर्म इलाके में ठंडे प्रदेशों का कोई फल पैदा होना मुश्किल है, लेकिन डबरा कस्बे के किसान प्रभुदयाल ने यह काम करके दिखाया है।  प्रभुदयाल बताते हैं कि वे चार वर्ष पहले आगरा से बादाम के कुछ पौधे लेकर आए थे। उस समय ऐसा कोई इरादा नहीं था कि इसकी फसल लेनी है। उनके मुताबिक कुछ अलग प्रकार के पौधे दिखाई देते रहेंगे, यही सोचकर बादाम का पौधा लगा दिया। इस साल उनके आश्चर्य का ठिकाना नहीं रहा, जब उसमें फल लगते दिखाई दिए। उनके मुताबिक अंचल में जमकर गर्मी होती है, और ऐसे क्लाइमेंट में बादाम जैसे फल लगना, किसानों के लिए एक नया रास्ता खोल सकता है। इस बात से कृषि वैज्ञानिक भी सहमत हैं।
 ग्राफ्टिंग के तकनीक के द्वारा अलमेंड के बहुत सारे ऐसे पौधे विकसित कर लिए गए हैं जो कि गर्म प्रदेश और मैदानी भागों में भी आसानी से हो जा रहे हैं अतः आप भी अपने बगीचे अपनी ज़रूरतों को पूरा करने के उद्देश्य से बादाम का एक-दो पौधा लगा ही सकते हैं।
बादाम की खेती से जुड़ी ज्यादा जानकारी के लिए नीचे दिए गए तथ्यों को पढ़ें।
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बादाम एक गुलाब वर्गीय एक ऐसा पेड़  है जिसका फल  दिखने में आडू की तरह का होता है . बादाम के पेड़ में हल्के  गुलाबी और सफेद रंग के सुगंधित फूल लगते हैं। बादाम के पेड़  का  तना मोटा होते हैं। एवंम इसके पत्ते लम्बे, चौड़े और मुलायम होते हैं।

बादाम की खेती कहाँ होती है
बादाम की खेती प्राय: ठन्डे क्षेत्रो में की जाती है जिसे बीज के द्वारा भी लगाया जा सकता है  दुनियाभर में अमेरिका बादाम का सबसे बड़ा निर्यातक देश है जहा का कैलोफोर्निया बादाम दुनियाभर  में खाया जाता है जो की आकार में भारतीय बादाम से बड़ा होता है 
इसके अलावा बादाम की खेती स्पेन, इटली, संयुक्त राष्ट्र अमेरिका, मोरक्को, पुर्तगाल, तुर्की, फ्रांस, अल्जीरिया, अफगानिस्तान और पर्सिया जैसे देशों में भी  बादाम की खेती की जा सकती है

भारत में बादाम की  खेती   की बात  जाये तो ये कश्मीर,हिमाचल प्रदेश और उत्तराखण्ड  जैसे ठन्डे क्षेत्रो और चीन की सीमा से लगे  तिब्बत, लाहौल एवं किन्नोर जिले आदि में की जाती है


बादाम के प्रकार

बाजार में कई प्रकार की बादाम मिलतीहै जिसमे मामरा , केलिफोर्निया या अमरीकन बादाम तथा छोटी गिरी मुख्य हैं। मीठी बादाम  ही खाने में काम आती है। कड़वी बादाम का तेल निकाला जाता है

मामरा बादाम

मामरा बादाम और केलिफोर्निया बादाम में क्या फर्क होता है

 मामरा बादाम और  केलिफोर्निया बादाम में अंतर की बात करे तो जहा मामरा अफगानिस्तान में पैदा होता है एवंम  इसका उत्पादन अपेक्षाकृत कम होता है। वही अमरीकन बादाम केलिफोर्निया में पैदा होता है और इसका उत्पादन अत्यधिक मात्रा में होता है। इसका कारण वैज्ञानिक तरीके से खेती करना है।

बादाम की उन्नत किस्में

केलिफोर्निया पेपर सेल, नान पेरिल, ड्रेक, थिनरोल्ड, आई.एक्स.एल., नीप्लस अल्ट्रा,  मुख्य रूप से बादाम की किस्मे है

बादाम की खेती कैसे करे 

बादाम की खेती शरू करने से पहले जो  सबसे जरुरी  काम  हमे करना है वो ये की हमारी जलवायु बादाम की खेती का

बादाम खेती के लिए आवश्यक जलवायु: – बादाम की खेतीं के लिए  जलवायु की बात की जाये तो इसके लिए , गर्मियों में तापमान में 30 से 35 डिग्री सेल्सियस पौधे की वृद्धि और गिरी भरने के लिए  आवश्यक है एवमं  सर्दियों में 2.2 डिग्री सेल्सियस तक का सामना करना पड़ेगा, लेकिन पत्ती के गिरने के अवस्था में फूल 0.50 डिग्री सेल्सियस से -11 डिग्री सेल्सियस में क्षतिग्रस्त हो सकते हैं। फूल जब  छोटे होते है तब वे  2.2 डिग्री सेल्सियस से 3.3 डिग्री सेल्सियस तक का तापमान का सामना कर सकते हैं, लेकिन अगर कम तापमान निरंतर लंबे समय तक बने रहने पर ये फसल को आसानी से  नुकसान पंहुचा सकता हैं


बादाम को हम रोपण करने से पहले,  लगभग 3 फुट  लम्बाई x 3 फीट  चोडा x 3 फीट गहरा  गड्ढे में  सितंबर से अक्टूबर के महीने के दौरान पक्तियों में  पौधे की पौधे से दुरी करीब 5 मीटर रखकर लगाना चाहिए  बादाम के पौधों को फरवरी से मार्च तक गड्ढे के केंद्र में लगाया जाना चाहिए,

बादाम 3 से 4 साल में फल देना शुरू कर देता है जो की पूरी तरह से फल देने लायक 6 साल में हो जाता है एक बादाम के पेड़ से इस तरह 50 साल तक बादाम के पेड़  से  फल प्राप्त  किये जा सकते है

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