*देशी गाय का दूध, घी खाओ और स्वस्थ रहो........*
*परिवार में एकता व प्रेम के लिए देशी गाय का घी खाइए* :
भारतीय विज्ञान पर आधारित दो कहावतें आपने सुनी-समझी होंगी –
*"जैसा अन्न वैसा मन"*
*"जैसा पानी वैसी वाणी"*
तीसरी कहावत
*"जैसा घी वैसी धी"* (बुद्धि/समझ)।
*देशी गाय का घी → सद्बुद्धि*
भैंस का घी → मोटी बुद्धि
जर्सी का घी → विकृत बुद्धि
वनस्पति घी → कायर बुद्धि
चर्बी का घी → राक्षस बुद्धि
केमिकल का घी → जड़ बुद्धि
परिवार में एक व्यक्ति की बुद्धि भ्रष्ट होते ही पूरा परिवार बिखर जाता है, बर्बाद हो जाता है।
बाजार में गाय का *देशी घी* तो है लेकिन *देशी गाय* का घी 1% भी नहीं है
*देशी गाय का घी जितना प्रभावशाली है। उतना ही देशी गाय का दूध भी प्रभावशाली है।*
क्योंकि एक मनुष्य ही इस धरती पर ऐसा प्राणी है जो जन्म से लेकर मृत्यु तक दूध का सेवन करता हैं।
*फिर भी मुझे समझ में नहीं आता लोग दूध को इतना हल्के में क्यूँ लेते हैं।*
क्यूँ नहीं समझदारी से इसका चयन करते। और जब तक समझ आती हैं। तब तक शरीर में बीमारी प्रवेश कर जाती है। भाई लोगों मैं तो आप को यही कहूंगा कि आप चाय कॉफी चाहें भी किसी दूध की पियो, *लेकिन दूध केवल भारतीय देशी गाय का पीयो। इसमें भी ताजा दूध पीने की पूरी कोशिश करे।*
क्योंकि धारोष्ण दूध तो पीने का समय है नहीं आप के पास.... दूसरा मिलना भी कठिन है।
*जिन भी गो भक्तों को देशी गाय के दूध और घी के बारे में कुछ भी जानकारी चाहिये (मुझे जितनी समझ है उस अनुसार) मै आप को बताने के लिए सदैव तत्पर हूँ।*
लेखक:- सियाराम विश्नोई


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